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व्यापार जगत : सोना मिल रहा 11000 रुपये सस्‍ता, जानें क्या है दाम


  • गोल्‍ड को भारत समेत पूरी दुनिया में सबसे सुरक्षित और शानदार मुनाफा देने वाला निवेश विकल्‍प माना जाता है. ऐसे में लोग सबसे मुयिकल दौर में सोने में जमकर निवेश करते हैं. पूरी दुनिया पर कोरोना वायरस महामारी के प्रकोप के दौरान भी यही ट्रेंड दिखाई दिया. निवेशकों की ओर से जमकर की गई खरीदारी के कारण अगस्‍त 2020 में सोने के दाम ने सर्वोच्‍च स्‍तर छुआ. हालांकि, जैसे-जैसे कोरोना वैक्‍सीनेशन के साथ आर्थिक गतिविधियां बढ़ रही हैं, वैसे-वैसे देश-विदेश में सोने की कीमतों में उठापटक जारी है. इसी कड़ी में 17 सितंबर 2021 यानी बीते शुक्रवार को सोने की कीमतों में 1,130 रुपये प्रति 10 ग्राम की बड़ी गिरावट देखने को मिली. वहीं, चांदी में भी बड़ी गिरावट आई और ये 708 रुपये की गिरावट के साथ 60,183 रुपये प्रति किग्रा पर पहुंच गई. आइए जानते हैं कि साल 2021 के आखिर तक सोने की कीमतों का रुख कैसा रहेगा.

सोने की मौजूदा कीमतों

पर क्‍या करें निवेशक?

  • गोल्‍ड की कीमतों में जारी उठापटक के कारण निवेशक ऊहापोह में हैं कि उन्‍हें इस कीमती धातु में निवेश करना चाहिए या कुछ और इंतजार करना चाहिए. वहीं, कुछ निवेशक अपने पास मौजूद गोल्‍ड को बेचने या रोककर रखने को लेकर उलझन में हैं. आइए जानते हैं कि आने वाल समय में सोने में क्‍या ट्रेंड रह सकता है? दिल्‍ली सर्राफा बाजार में सोने की कीमतें 17 सितंबर 2021 को बड़ी गिरावट के साथ 45,207 रुपये प्रति 10 ग्राम के भाव पर बंद हुई थीं. इस आधार पर सोना अपने सर्वोच्‍च स्‍तर के मुकाबले 10,993 रुपये प्रति 10 ग्राम सस्‍ता मिल रहा है. बता दें कि अगस्‍त 2020 में गोल्‍ड ने 56,200 रुपये प्रति 10 ग्राम का सर्वोच्‍च स्‍तर छुआ था. अगर सामान्‍य तौर पर देखा जाए तो इस भाव पर गोल्‍ड में निवेश फायदे का सौदा साबित हो सकता है.

इस साल किस स्‍तर तक

पहुंच सकते हैं गोल्‍ड के दाम?

  • विशेषज्ञों का कहना है कि दुनियाभर में कोरोना वैक्‍सीनेशन के अभियान की रफ्तार बढ़ने के साथ लोग दूसरे निवेश विकल्‍पों का रुख कर रहे हैं. इससे सोने के दामों में गिरावट दर्ज हुई है. हालांकि, उन्‍हें नहीं लगता कि ये स्थिति ज्‍यादा समय तक बनी रहेगी. दुनिया के ज्‍यादातर शेयर बाजारों समेत इंडियन स्‍टॉक एक्‍सचेंज भी काफी रफ्तार पकड़ चुके हैं. अब बीच-बीच में मुनाफावसूली के कारण बाजारों में गिरावट देखने को मिल रही है. शेयर बाजारों के ज्‍यादा ऊपर जाने पर मुनाफे के साथ जोखिम भी बढ़ जाता है. ऐसे में बड़ी संख्‍या में निवेशक फिर सबसे सुरक्षित निवेश विकल्‍प गोल्‍ड का रुख कर सकते हैं. इससे सोने की कीमतों को समर्थन मिलेगा और ये फिर बढ़ना शुरू हो जाएंगे. विशेषज्ञों का मानना है कि 2021 के आखिर तक गोल्‍ड की कीमतें नए स्‍तर को छू सकती हैं. अनुमान है कि सोने की कीमतों में बढ़ोतरी शुरू होगी तो ये 60,000 रुपये के स्‍तर को पार कर जाएगी.

लंबी अवधि में क्‍यों आ सकती है

सोने की कीमतों में तेजी? 

  • निवेशकों का बड़ा तबका ऐसा भी है, जो ये जानना चाहता है कि क्‍या मौजूदा कीमतों पर गोल्‍ड में निवेश करना सुरक्षित रहेगा. क्‍या उन्‍हें इस मौके का फायदा उठाकर लंबी अवधि में भारी-भरकम मुनाफा मिल सकता है. इस पर विशेषज्ञों का कहना है कि सोने के दामों में हुई मौजूदा गिरावट के कई कारण हैं. इनमें सबसे बड़ा कारण कोरोना वैक्‍सीनेशन अभियान में तेजी के कारण आर्थिक गतिविधियों में बढ़ोतरी है. वहीं, डॉलर का दूसरी बड़ी करेंसीज के मुकाबले मजबूत होने से भी गोल्‍ड की कीमतों पर असर पड़ रहा है. उनके मुताबिक, अमेरिकी डॉलर और सोना एकदूसरे के उलट व्‍यवहार करते हैं. अगर डॉलर की मांग में इजाफा होगा तो सोने के दाम दबाव में आ जाएंगे. हालांकि, अगर त्‍योहारी सीजन में मांग बढ़ी तो सोने की कीमतों में इजाफा होना तय है. अक्‍टूबर से देश में एक के बाद एक त्‍योहार हैं. ऐसे में मांग बढ़ने पर सोने के दाम बढ़ सकते हैं. विशेषज्ञों के मुताबिक, गोल्‍ड इस साल 1960 डॉलर प्रति औंस का उच्‍चस्‍तर छू सकता है।

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