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देश

सत्ता पलट में विदेशी हाथ बताकर बुरे फंसे इमरान खान, पाक सुप्रीम कोर्ट ने मांगा सबूत

नई दिल्ली। इमरान खान सरकार और विपक्ष की लड़ाई सुप्रीम कोर्ट में पहुंच गई है। अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने और नेशनल असेंबली भंग होने के मामले में सुप्रीम कोर्ट आज अपना फैसला सुना सकती है। दरअसल, पाकिस्तान में अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने के बाद संसद भंग करवाने वाले इमरान खान अब अपने ही जाल में फंसते नजर आ रहे हैं। इमरान खान को सुप्रीम कोर्ट ने झटका देते हुए ‘विदेशी साजिश’ वाले आरोप पर सबूत मांगे हैं। विदेशी साजिश वाली जिस कथित चिट्ठी को रैलियां में दिखाकर इमरान खान पाकिस्तान की जनता की सहानुभूति बटोरना चाहते थे, अब सर्वोच्च न्यायालय में इमरान सरकार को उसी चिट्ठी को लेकर फजीहत उठानी पड़ रही है। जानकारी के मुताबिक, पाकिस्तान के सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के दौरान बुधवार को कथित ‘विदेशी साजिश’ के बारे में और जानकारी के लिए सरकार से राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक के मिनट्स (ब्योरा) मांगे हैं।

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बता दें कि, मुख्य न्यायाधीश बंदियाल ने अवान से राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की हालिया बैठक के ‘मिनट्स’ के बारे में सवाल किए, जिसमें कथित तौर पर पीटीआई के नेतृत्व वाली सरकार को हटाने के लिए एक कथित ‘विदेशी साजिश’ के सबूत दिखाने वाले एक पत्र पर चर्चा की गई थी। गौरतलब है कि, नेशनल असेंबली के उपाध्यक्ष कासिम खान सूरी ने अविश्वास प्रस्ताव के सरकार को गिराने की तथाकथित विदेशी साजिश से जुड़े होने का हवाला देते हुए रविवार को उसे खारिज कर दिया था। इसके कुछ मिनट बाद राष्ट्रपति आरिफ अल्वी ने प्रधानमंत्री इमरान खान की सलाह पर नेशनल असेंबली को भंग कर दिया था।

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सुनवाई के दौरान जस्टिस बंदियाल ने बुधवार को उस आधार पर सवाल उठाया जिसके आधार पर स्पीकर ने फैसला सुनाया। उन्होंने कहा, क्या स्पीकर तथ्यों को पेश किए बिना इस तरह के फैसले की घोषणा कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि यह संवैधानिक प्वाइंट है जिस पर अदालत को फैसला करना है। उन्होंने पीटीआई के वकील को ठोस सबूतों के साथ बचाव करने के लिए कहा है। बता दें कि, अविश्वास प्रस्ताव खारिज होने और संसद भंग करने के मामले में तीन दिन से चल रही सुनावाई पर आज अदालत से कोई बड़ा फैसला आने की उम्मीद है।

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