कवासी लखमा का प्रचार करने गए उनके बेटे को ग्रामीणों ने खदेड़ा

विधानसभा चुनाव 2023 : जगदलपुर

 

  • जगदलपुर 01 नवम्बर 2023/अरूण पाढ़ी
  • प्रदेश में सबसे अशिक्षित व पिछड़े इलाके की रूप में जिस विधानसभा क्षेत्र की पहचान है। वहां कुछ ऐसा हो रहा है जहां कथा कथित रूप से विकसित संपन्न और शिक्षित इलाकों में भी कभी नजर नहीं आता, 5 वर्षों में सिर्फ एक बार वोट मागने के नाम पर नजर आने वाले नेताओं से सवाल जवाब करने का ट्रेंड अभी छत्तीसगढ़ में नजर आना शुरू नहीं हुआ है, प्रदेश के अंतिम छोर पर स्थित कोंटा विधानसभा क्षेत्र में वहां की जनता न सिर्फ नेताओं से सवाल-जवाब कर रहे हैं बल्कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर खदड़े भी जा रहे हैं,ऐसी शुरुआत एक सुदूर अंचल कोंटा विधानसभा मैं शुरू हो चुकी है जो की छत्तीसगढ़ का नक्सली क्षेत्र माना जाता है, वह पिछड़ा इलाका माना जाता है।

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  • इस क्षेत्र से कवासी लखमा चार बार विधायक रह चुके हैं और पांचवी बार कांग्रेस प्रत्याशी के रूप में पर्चा दाखिल किया है, कोंटा के अति संवेदनशील माने जाने वाले किस्टाराम इलाके में चुनाव प्रचार पर निकले मंत्री कवासी लखमा के सुपुत्र हरीश लखमा जो की सुकमा जिला पंचायत के अध्यक्ष भी है, ग्रामीणों ने बेइजती कर गांव से बाहर खदेड़ दिया, शुक्र है कि मंत्रिपुत्र सुरक्षा घेरे में चल रहे थे,नही तो कोई बड़ी अनहोनी हो सकती थी।
  • दरअसल इस इलाके के पालाचलमा, कारीगुण्डम, पोटकपल्ली, आदि पंचायत के करीब 3000 ग्रामीण यहां एकत्रित हुए थे वह सब स्थानीय विधायक से लंबे समय से नाराज चल रहे थे मंत्री पुत्र ने चुनावी भाषण के बीच ग्रामीण अचानक क्रुद्ध हो गए और हरीश कवासी से सवाल करने लगे, ग्रामीणों ने कहा कि सुकमा जिला में 700 शिक्षकों की नियुक्ति की गई जिसमें दो को छोड़कर बाकी 658 शिक्षक अन्य जिलों के निवासी हैं, ग्रामीणों ने पूछा हमारे जिलों में शिक्षित बेरोजगारों की कोई कमी थी क्या ? जिसमें अन्य जिलों के लोगों की भर्ती की गई है बस्तर फाइटर के नाम से पुलिस भर्ती को लेकर कोई नियम शर्ते नहीं है।
  • सरकार हम आदिवासियों को आपस में लड़वा कर मारना चाहती है आराम वाली नौकरी दूसरे जिलों के लोगों को और खतरे वाली नौकरी हमारे लोगों को अब यह सब नहीं चलेगा ग्रामीणों ने शिक्षकों की भर्ती में बड़े पैमाने पर पैसे की उगाई करने की आप स्थानीय विधायक और उसके पुत्र पर लगाया किसी गांव में सड़क स्कूल अस्पताल और आंगनबाड़ी केंद्र नहीं है 20 वर्षों में एक बार भी विधायक व मंत्री कवासी लखमा हमारे इन गांवों को झांक कर भी नहीं देखा और जब चुनाव सामने है तो हमारी याद आई और ग्रामीण को बरगलाने की कोशिश की जा रही है पिछले चुनाव में किए गए वादे पूरे नहीं किए गए और फिर से झूठे वादे को लेकर वोट मांगने गांव-गांव घूम रहे हैं।
  • विधायक कवासी लखमा का अवैध किला माने जाने वाला कोंटा इलाका बुरी तरह से उनके विरोध में आग की तरह जल रहा है,जगह जगह छोटे मियां, बड़े मियां के नामों से मशहूर मंत्री और मंत्री पुत्र को जनता का आक्रोश झेलना पड़ रहा है इससे पहले छींदगढ़ ब्लाक के डोलेरास, पैदलनार, पेद्दारास, और अब किष्टाराम में इन्हें और उनकी टीम को भयंकर विरोध का सामना करना पड़ा है।
  • लगातार सड़क स्कूल और अस्पताल की मांग मूलवासी बचाव मंच द्वारा की जा रही है वृद्धा पेंशन वन अधिकार पट्टा बेरोजगार भत्ता नल जल योजना जैसी मूलभूत सुविधाओं के लिए गांव-गांव में महीनों से आंदोलन किया जा रहे हैं,लेकिन लखमा ने मिलकर इनसे बातचीत नहीं की,और न ही निराकरण कर इन समस्याओं के बारे में ध्यान दिया,अब ग्रामीण भी सबक सिखाने के मूड में आ गए है, ग्रामीणों ने कहा कि अब मंत्री को खोखले वादे करने के लिए गांव में घुसने न दिया जाए।

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